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गोरखपुर: कोर्ट परिसर में दिन दहाड़े दिलशाद की हत्या, गोदी मिडिया ने सुनाई झूठी कहानी

दिलशाद की हत्या का आरोप उसकी पत्नि के पिता पर लगा हैं. लड़की का पिता उनकी शादी से खुश नहीं था

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में दिन दहाड़े एक मुस्लिम युवक की कोर्ट परिसर में बेरहमी से हत्या के मामले ने कोहराम मचा दिया हैं।

मुस्लिम युवक दिलशाद ने अपनी हिंदू प्रेमिका से शादी की थीं जिसके बाद वह भी धर्म परिर्वतन करके हिंदू बन गया था तथा अपना नाम दिलराज रख लिया था।

लेकिन इस शादी से लड़की के घर वाले खुश नहीं थे इसलिए उन्होंने दिलशाद की हत्या कर दी।

पत्रकार श्याम मीरा सिंह के अनुसार “दोनों ने शादी आर्य समाज मंदिर में की थीं. शादी के बाद से ही लड़की के घर वालों ने उस पर हत्या और अपहरण का फ़र्ज़ी मुक़दमा कर दिया था. 17 फरवरी 2020 को दिलशाद के खिलाफ लड़की के रेप का केस दर्ज किया गया. तहरीर पर लड़की की आयु 18 वर्ष से कम बतायी गयी थी, इस कारण पुलिस ने दिलशाद हुसैन के विरूद्ध पोस्को एक्ट भी लगाया था. लेकिन लड़की की उम्र ज़्यादा निकली. इस केस में दिलशाद हुसैन की 17 सितम्बर 2020 को जमानत मिल गई थी।

दिलशाद का मुकदमा विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कोर्ट में चल रहा था. 21 फरवरी को इस केस में गवाही की तारीख थी. केस दर्ज कराने वाले और लड़की को बयान दर्ज कराने के लिए कई बार नोटिस जारी हुआ लेकिन वे बयान दर्ज कराने नहीं आए थे. दिलशाद गवाही के लिए आया और इसी दौरान कोर्ट परिसर में उसकी हत्या कर दी गई।

श्याम मीरा सिंह ने दोनों की शादी का सर्टिफिकेट सार्वजनिक करते हुए कहा कि “गोरखपुर कोर्ट में दिलशाद की हत्या कर दी गई थी, मीडिया में कहा गया कि दिलशाद ने एक लड़की से रेप किया था, इसलिए पीड़ित परिवार ने हत्या कर दी. लेकिन सच ये है कि दिलशाद और लड़की ने आर्य समाज मंदिर में शादी की थी, जो घर वालों को नागवार गुज़री, और झूठा केस लगा दिया।”

दिलशाद और उस लड़की की शादी की तस्वीर जिसके रेप का दिलशाद पर फ़र्ज़ी आरोप लगाया गया था. दिलशाद को पहले फ़र्ज़ी मुक़दमें में फँसाया गया. इसके बाद इस देश की अदालत में ही उसकी हत्या कर दी गई, उसका गुनाह सिर्फ़ ये था कि उसने एक लड़की से प्रेम किया था और उससे शादी कर ली थी।

श्याम मीरा सिंह का कहना हैं कि “दिलशाद की हत्या दो बार हुई, एक बार गोरखपुर कोर्ट परिसर में लड़की के पिता ने की, दूसरी बार सड़े हुए समाज और गोदी मीडिया ने उसे रेपिस्ट कहकर की. लड़की के पिता द्वारा अपनी बेटी के प्रेमी की ‘ऑनर किलिंग’ एक क्राइम है, लेकिन संघियों द्वारा उसकी मौत पर अट्टहास करना एक गंभीर “बीमारी” है।”

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