सोशल मीडिया पर हिमंत बिस्वा सरमा का एक बयान तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने असम में मदरसों को बंद करने और शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी नीति का जिक्र किया है।
वायरल वीडियो में सरमा यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि उन्होंने एक दिन में सैकड़ों मदरसों को बंद कराया और राज्य में आधुनिक शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है।
अपने संबोधन में सरमा ने कहा कि राज्य को ऐसे युवाओं की जरूरत है जो डॉक्टर और इंजीनियर बनें। उन्होंने मदरसों की उपयोगिता पर सवाल उठाते हुए पारंपरिक धार्मिक शिक्षा के बजाय आधुनिक और तकनीकी शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही।
उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इस बयान के सामने आने के बाद विभिन्न वर्गों में बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे शिक्षा सुधार और आधुनिकीकरण की दिशा में कदम बता रहे हैं, वहीं अन्य लोग इसे धार्मिक संस्थानों के खिलाफ और एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने वाला बता रहे हैं।
राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान संवेदनशील मुद्दों को और भड़का सकते हैं, खासकर ऐसे समय में जब शिक्षा और पहचान से जुड़े सवाल पहले से ही चर्चा में हैं।

