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भारत में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों, सरकार के आलोचकों और पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है: अमेरिकी रिपोर्ट

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की तरफ़ से मानवाधिकार की स्थिति को लेकर आई एक रिर्पोट में भारत की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की हैं।

रिर्पोट में बताया गया हैं कि भारत में मानवाधिकार हनन के मामले सामने आए हैं, लगातार अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों और पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है।

बीते सोमवार को आई यह रिपोर्ट अमेरिकी सरकार की ओर से आने वाली सालाना रिपोर्ट है जिसमें दुनिया के सभी देश में मानवाधिकार की हालत को लेकर रिपोर्ट छापी जाती है।

इस रिर्पोट के आने से एक साल पहले अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सूचित किया था कि वह भारत में हो रही तमाम गतिविधियों पर नज़र बनाए हुए हैं जिसमें बढ़ते मानवाधिकार हनन के मामले भी शामिल हैं।

रिर्पोट में कहा गया हैं कि, भारत में सरकारी एजेंसियों की ओर मनमाने ढंग से हत्याएँ, जेलों में क्रूर और अमानवीय तरीके से कैदियों के साथ व्यवहार किया जाता है।

पत्रकारों की गैर कानूनी तरीके से गिरफ्तारियां हो रही है और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं. इंटरनेट बंद करके जनसंचार को रोका जा रहा है।

केंद्र सरकार और राज्य सरकारें लोगों को UAPA के तहत लंबे समय तक जेल में रखती हैं, केंद्र सरकार ने मानवाधिकार कार्यकर्ता और पत्रकारों पर यूएपीए लगाया हैं।

रिर्पोट में बुल्डोजर तंत्र का जिक्र करते हुए लिखा है कि, सरकार की आलोचना करने पर मुस्लिम समुदाय के लोग के घरों पर बुलडोज़र चलाए जा रहे हैं और उनकी आजीविका छीनी जा रही है।

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