Journo Mirror
India

रिपोर्टिंग अपराध नहीं है: मकतूब मीडिया के खिलाफ दर्ज़ FIR पर अंतरराष्ट्रीय प्रेस संस्थान ने जताई चिंता

अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता संगठन इंटरनेशनल प्रेस इंस्टीट्यूट (IPI) ने मकतूब मीडिया के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर पश्चिम बंगाल पुलिस से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। संगठन ने कहा कि सार्वजनिक हित से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्टिंग करने के लिए स्वतंत्र मीडिया संस्थानों को निशाना बनाना पत्रकारिता की स्वतंत्रता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। IPI ने पश्चिम बंगाल पुलिस के महानिदेशक को पत्र लिखकर मीडिया को डराने और दबाव में लाने के लिए कानूनी कार्रवाई का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की है।

यह मामला 19 सितंबर को मकतूब मीडिया के खिलाफ दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। मीडिया संस्थान ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के उन सार्वजनिक आरोपों पर रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिनमें उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान मुस्लिम अधिकारियों के साथ धार्मिक भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया था। इसी रिपोर्टिंग को लेकर मकोतोब मीडिया के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया।

IPI के कार्यकारी निदेशक स्कॉट ग्रिफेन ने अपने पत्र में कहा कि एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराएं लगाई गई हैं। इनमें विभिन्न समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ाने, धार्मिक भावनाएं आहत करने, सार्वजनिक शरारत से जुड़े बयान देने और मानहानि जैसे आरोप शामिल हैं। संगठन ने कहा कि सांसद के बयान सार्वजनिक थे और कई मीडिया संस्थानों ने उन पर रिपोर्टिंग की थी। ऐसे में सार्वजनिक हित से जुड़े गंभीर आरोपों की रिपोर्टिंग करना पत्रकारिता की जिम्मेदारी है, न कि कोई अपराध।

संगठन ने इस मामले में पारदर्शिता की कमी पर भी सवाल उठाए। IPI के मुताबिक, मकतूब मीडिया को एफआईआर दर्ज होने की जानकारी पुलिस की ओर से सीधे नहीं दी गई। मीडिया संस्थान को इस मामले का पता सोशल मीडिया मंच एक्स से मिले संदेशों के जरिए चला, जब पश्चिम बंगाल पुलिस ने उसके अकाउंट से संबंधित जानकारी मांगी थी। IPI ने इस घटनाक्रम को चिंताजनक बताते हुए कहा कि स्वतंत्र मीडिया को सार्वजनिक हित के मुद्दों पर जानकारी प्रकाशित करने के लिए दंडित नहीं किया जाना चाहिए।

IPI ने पश्चिम बंगाल पुलिस के महानिदेशक से एफआईआर तत्काल वापस लेने और यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि जांच के नाम पर मकतूब मीडिया की प्रेस स्वतंत्रता का उल्लंघन न हो। संगठन ने मकोतोब मीडिया के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों को कानूनी कार्रवाई के जरिए डराया नहीं जाना चाहिए।

Related posts

Leave a Comment