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सिगरेट का पैकेट चोरी करने के आरोप में जेल में बंद ज़ीशान मलिक की पुलीस हिरसात में मौत, परिवार ने प्रताड़ित करने का आरोप लगाया

पीड़ित परिवार का आरोप हैं कि पुलीस की प्रताड़ना के कारण उसकी मौत हुई हैं, टूटी हड्डियों का हवाला दिया

हिंदुस्तान में पुलीस हिरासत में मौत का सिलसिला बहुत पुराना हैं. आए दिन पुलीस हिरासत में मौत की खबरे आती रहती हैं।

राजधानी दिल्ली के तिहाड़ जेल से भी पुलीस हिरासत में 18 वर्षीय मुस्लिम युवक ज़ीशान मलिक की मौत मामला सामने आया हैं. जिसपर परिवार ने पुलीस कर्मियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया हैं।

मामला 14 फरवरी का हैं. सुबह सुबह ज़ीशान मलिक के घर पर पुलीस का फोन आता हैं कि आपके बेटे की तबियत खराब हैं उसको दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं।

जैसे ही यह खबर परिजनों को लगती हैं वह तुरंत अस्पताल पहुंचते हैं जहां उनको बताया जाता हैं कि आपके बेटे की मौत हो गई।

जिसके बाद परिजन बदहवास हो जाते हैं. ज़ीशान के पिता पुलीस पर आरोप लगाते हुए कहते हैं कि उनके बेटे की मौत पुलीस प्रताड़ना के कारण हुई हैं. उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच की भी मांग की हैं।

आपको बता दे कि जीशान मलिक को पुलीस ने सिगरेट का पैकेट चोरी करने के इल्ज़ाम में गिरफ्तार किया था।

पुलीस का कहना हैं कि जीशान की मौत बीमारी के कारण हुई हैं।

स्वंतत्र पत्रकार अरबाब अली के अनुसार “14 फरवरी 2022 को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में 18 वर्षीय मुस्लिम युवक जीशान मलिक को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मलिक की बीमारी के कारण मृत्यु हुई हैं, उसके परिवार ने तिहाड़ जेल में हिरासत में हत्या का आरोप लगाया और सबूत के तौर पर चोट के निशान और टूटी हड्डियों का हवाला दिया. परिवार ने मांग की कि केंद्रीय जांच ब्यूरो जीशान की मौत की जांच करे।

मुस्लिम एक्टिविस्ट शाहनवाज अंसारी का कहना हैं कि “‘ज़ीशान मलिक’ सिगरेट का पैकेट चोरी करने के इल्ज़ाम में तिहाड़ जेल में बन्द था। ज़ीशान की उम्र फ़क़त 18 साल थी।
पुलिस कस्टडी में मुसलमानों की मौत/हत्या कोई नया नहीं है। जिसपे हैरत की जाए। ज़ीशान के परिवार को सुनिये। उनका दर्द, उनकी तकलीफ़ महसूस कीजिए।”

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