यह बयान ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने सोमवार को तेहरान में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दिया।
बगाई ने कहा कि मध्य पूर्व में कोई भी यह नहीं मानता कि इज़राइल, संयुक्त राज्य अमेरिका के स्पष्ट सहयोग और समन्वय के बिना कोई बड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में इज़राइली आक्रामकता के लिए अमेरिका जिम्मेदार है और इसके परिणामों की जवाबदेही भी उसी की होगी।
ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) और इज़राइली सेना के बीच रक्षात्मक तथा आक्रामक अभियानों में गहरा तालमेल है। उन्होंने अमेरिका के उन दावों को खारिज किया जिनमें कहा जाता है कि वह क्षेत्र में इज़राइल की सैन्य कार्रवाइयों में सीधे शामिल नहीं है।
बगाई ने यह भी दावा किया कि अमेरिका क्षेत्रीय संघर्ष को बढ़ावा देकर इज़राइल को मजबूत करने की नीति अपना रहा है। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच सैन्य और रणनीतिक सहयोग इतना गहरा है कि किसी भी कार्रवाई की जिम्मेदारी से अमेरिका खुद को अलग नहीं कर सकता।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यदि युद्धविराम समझौतों का उल्लंघन होता है, चाहे वह सीधे अमेरिकी सेना द्वारा हो या इज़राइल के माध्यम से, तो उसकी जिम्मेदारी भी अमेरिका पर ही होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्र में किसी भी नए तनाव या संघर्ष के परिणाम अंततः वाशिंगटन को भुगतने पड़ सकते हैं।
ईरान के इस बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब मध्य पूर्व में सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।

