भोपाल/नई दिल्ली: कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार Meenakshi Natarajan का नामांकन खारिज किए जाने के बाद भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने और चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने इस फैसले को “लोकतंत्र की हत्या” बताते हुए चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
कांग्रेस महासचिव K. C. Venugopal ने मंगलवार को कहा कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को खारिज करना भाजपा द्वारा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने का एक सुनियोजित प्रयास है।
उन्होंने दावा किया कि नामांकन पत्र में किसी प्रकार की जानकारी छिपाने का आरोप पूरी तरह निराधार है और कांग्रेस से एक सीट छीनने की कोशिश की जा रही है।
वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है और मामले में प्रत्यक्ष सुनवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को एहसास हो गया था कि कांग्रेस विधायकों को अपने पक्ष में करने की उसकी कोशिशें सफल नहीं होंगी, इसलिए नामांकन को तकनीकी आधार पर खारिज कराया गया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर देश में लोकतंत्र की भावना अभी भी जीवित है तो चुनाव आयोग को बिना देरी किए इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि पार्टी इस फैसले के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर लड़ाई लड़ेगी।
वहीं, चुनाव अधिकारियों ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन इस आधार पर खारिज किया कि उनके शपथपत्र में एक मामले से जुड़ी जानकारी का कथित रूप से खुलासा नहीं किया गया था। भाजपा ने आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने तेलंगाना में लंबित एक अदालती मामले का विवरण नामांकन पत्र में नहीं दिया।
हालांकि कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है, इसलिए ऐसी किसी जानकारी को शपथपत्र में शामिल करने की आवश्यकता नहीं थी। अब इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है और कांग्रेस चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर रही है।

