वेस्ट बैंक में इज़राइल की कार्रवाई ‘संस्थागत भेदभाव और हिंसा’ का रूप: UN
संयुक्त राष्ट्र की उप उच्चायुक्त (मानवाधिकार) Nada Al-Nashif ने कहा है कि पश्चिमी तट में इज़राइल की नीतियां और कार्रवाइयां फिलिस्तीनियों के खिलाफ एक संस्थागत और व्यवस्थित भेदभाव का हिस्सा हैं।
उन्होंने इसे लंबे समय से जारी दमन, असमानता और नियंत्रण की नीति का परिणाम बताया। अल-नशीफ के अनुसार, इस क्षेत्र में फिलिस्तीनियों को लगातार हिंसा, आवाजाही पर पाबंदियां, घरों के विध्वंस और बुनियादी अधिकारों के हनन का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यह हालात केवल अलग-अलग घटनाएं नहीं हैं, बल्कि एक सुनियोजित व्यवस्था का हिस्सा हैं, जो एक समुदाय को कमजोर करने का काम कर रही है।
United Nations की अधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से ले और मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर स्थिति को नजरअंदाज किया गया, तो इससे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी लोगों के अधिकारों की समान रूप से रक्षा होनी चाहिए। अल-नशीफ ने जोर देकर कहा कि जवाबदेही तय करना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना जरूरी है, ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके और पीड़ितों को राहत मिल सके।
इस बयान के साथ ही एक बार फिर पश्चिमी तट में जारी हालात और इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष को लेकर वैश्विक बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक इस मुद्दे का स्थायी और न्यायपूर्ण समाधान नहीं निकलेगा, तब तक क्षेत्र में शांति कायम होना मुश्किल रहेगा।

