प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के भाषण में ‘दिमागी नक्सलवाद’ को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “मुझे एक दिमागी नक्सली होने पर गर्व है!”
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत ने सशस्त्र नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी प्रगति की है, लेकिन उन्होंने दावा किया कि ‘दिमागी नक्सल’ मानसिकता अभी भी हिंसा और अशांति पैदा करने के अवसर तलाश रही है।
प्रधानमंत्री ने ऐसी मानसिकता रखने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करने की बात कही थी। उन्होंने युवाओं से मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान भी किया।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी प्रधानमंत्री के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पहले अपने राजनीतिक विरोधियों के लिए ‘अर्बन नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल करते थे और अब ‘दिमागी नक्सल’ की बात कर रहे हैं।
रमेश ने एक्स पर लिखा कि पहले विरोधियों को ‘अर्बन नक्सली’ कहा गया और अब ‘दिमागी नक्सली’ कहा जा रहा है। उनके मुताबिक, यह प्रधानमंत्री की हताशा को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई ऐसे रुख अपनाए या नीतियां लागू की हैं, जिन्हें पहले उन्हीं लोगों से जोड़ा जाता था जिन्हें ‘अर्बन नक्सल’ या ‘दिमागी नक्सल’ कहा गया।
इस बयान के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर राजनीतिक बहस तेज होती नजर आ रही है।

