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दिल्ली: मुस्लिम महिला पत्रकारों के साथ मारपीट के खिलाफ साकेत थाने में धरना, घंटों बाद दर्ज हुई शिकायत

दिल्ली के साकेत पुलिस स्टेशन में मुस्लिम महिला पत्रकारों शाहीन खान और नफीसा खान के साथ कथित मारपीट और आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर घंटों तक धरना जारी रहा। दोनों पत्रकार करीब रात 10 बजे से थाने में बैठी थीं। उनके समर्थन में कांग्रेस और वामपंथी दलों से जुड़े कार्यकर्ताओं समेत एक दर्जन से अधिक नागरिक भी थाने पहुंचे।

शाहीन खान और नफीसा खान 4PM Network के लिए साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में नए विंग के उद्घाटन कार्यक्रम को कवर कर रही थीं। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौजूद थीं। आरोप है कि कार्यक्रम की कवरेज के दौरान दिल्ली पुलिस के कुछ अधिकारियों ने दोनों पत्रकारों के साथ कथित तौर पर मारपीट की और मुस्लिम-विरोधी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।

पत्रकारों ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर थाने में धरना दिया। इस दौरान पुलिस स्टेशन के भीतर FIR दर्ज करने की मांग को लेकर नारेबाजी भी की गई। कई घंटे तक पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के कार्यकर्ता और अन्य नागरिक भी पत्रकारों के समर्थन में थाने पहुंचते रहे।

इसी बीच कांग्रेस माइनॉरिटी डिपार्टमेंट की ओर से सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि घंटों के संघर्ष और लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार शिकायत दर्ज कर ली गई है। पोस्ट के मुताबिक, राज्यसभा सांसद और कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन इमरान प्रतापगढ़ी के निर्देश पर विभाग के कार्यकर्ता लगातार साकेत थाने में डटे रहे और पत्रकार शाहीन को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाते रहे।

कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग ने अपनी पोस्ट में कहा कि आखिरकार संघर्ष की जीत हुई और शाहीन की शिकायत दर्ज कर ली गई। विभाग ने इसे “न्याय की लड़ाई की जीत” बताया है।

हालांकि, पूरे मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से कथित मारपीट, आपत्तिजनक टिप्पणी और शिकायत/FIR की स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आना अभी बाकी है। मामले में पत्रकारों की मांग है कि कथित तौर पर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की जाए।

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