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AIMIM नेता कलीमुल हफीज़ ने केजरीवाल पर बोला जोरदार हमला, बोले- अयोध्या तीर्थ यात्रा के लिए बजट है, हज हाउस के नाम पर सरकार कंगाल है

हज हाउस को 13 साल पहले मंजूरी दी गई थीं जिसके लिए हर साल बजट से पैसा भी आवंटित किया जाता हैं

दिल्ली में हज हाउस के निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दोहरे चरित्र के विरूद्ध एआईएमआईएम ने जमकर हमला बोला।

दिल्ली एआईएमआईएम अध्यक्ष कलीमुल हफीज़ का कहना है कि श्रवणकुमार बनकर बुजुर्गों को अयोध्या ले जाकर रामलला को श्रद्धांजलि देने वाले केजरीवाल क्यों भूल गए कि श्रवणकुमार ने अपने माता-पिता को जनता के पैसे से नहीं बल्कि अपनी जेब से यात्रा कराई थी।

दिल्ली दंगों में रावण की भूमिका निभाने वाले अब श्रवणकुमार का रूप लेना चाहते हैं सरकार के पास तीर्थ यात्राओं का बजट है और हज हाउस के नाम परसरकार कंगाल है।

कलीमुल हफ़ीज़ ने कहा कि उन्हें किसी के अयोध्या जाने से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन आपत्ति यह है कि जब मुसलमानों का जिक्र आता है तो शासक धर्मनिरपेक्ष हो जाते हैं।

अरविंद केजरीवाल हों या मनीष सिसोदिया, वे मुस्लिम धार्मिक कार्यक्रमों में शिरकत करने से बचते हैं। एक बालिका मदरसे के वार्षिक समारोह के लिए समय देने के बावजूद मनीष सिसोदिया नहीं पहुंचे। यह कैसा राज धर्म है जो अपनी प्रजा से भेदभाव करता है।

कलीमुल हफीज़ ने कहा कि हज हाउस, जिसे पिछले 13 वर्षों से मंजूरी दी गई है और जिसके लिए हर साल बजट में पैसा आवंटित किया जाता है, सरकार द्वारा सिर्फ इसलिए नहीं बनाया जा रहा है क्योंकि इसका संघी वोट नाराज़ होजाएगा।

अगर सरकारें बहुमत की नाराजगी ,डर और उन की इच्छा से काम करना शुरू कर दें तो अल्पसंख्यक कहां जाएंगे।

केजरीवाल को याद रखना चाहिए कि उन्हें दिल्ली में 82 फीसदी मुसलमानों ने वोट दिया है। सरकार को धर्म से ऊपर काम करना चाहिए, धर्म, रंग और नस्ल के आधार पर अपनी प्रजा के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए।

भारत के संविधान की शपथ लेने वाले मुख्यमंत्री को सिर्फ वोट बैंक के लिए धर्म की राजनीति नहीं करनी चाहिए। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत 98 प्रतिशत स्थान एक विशेष धर्म के हैं जबकि दिल्ली में मुस्लिम अल्पसंख्यक 17 प्रतिशत है।

अयोध्या तीर्थ यात्रा का ख़याल करने वाले मुख्यमंत्री को हज तीर्थयात्रियों की दुर्दशा को भी समझना चाहिए कलीमुल हफ़ीज़ ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जानबूझकर हिंदुओं को खुश करने के लिए अयोध्या का मुद्दा उठाया है लेकिन वह नहीं जानते कि इससे एक बड़े अल्पसंख्यक समुदाय का दिल दुखता है।

दिल्ली सरकार तीर्थ यात्रा योजना के तहत हर धर्म की आबादी के हिसाब से जगहों को शामिल करे और हज हाउस का निर्माण जल्द से जल्द शुरू करे।

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