6 मई 2026 को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में “एपीसीआर हेट क्राइम्स ट्रैकर” नामक एक इंटरएक्टिव वेबसाइट लॉन्च की। संगठन के अनुसार यह प्लेटफॉर्म भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ 2014 से अब तक हुई नफरत आधारित हिंसा और हमलों के मामलों का दस्तावेजी रिकॉर्ड उपलब्ध कराएगा।
एपीसीआर ने बताया कि यह वेबसाइट शोधकर्ताओं, पत्रकारों, नागरिक समाज संगठनों और आम लोगों के लिए एक केंद्रीकृत और खोज योग्य डेटाबेस के रूप में काम करेगी। संगठन का कहना है कि देश में बढ़ते हेट क्राइम्स और सरकारी एजेंसियों द्वारा व्यवस्थित रिकॉर्ड की कमी को देखते हुए इस पहल की जरूरत महसूस की गई।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एपीसीआर पिछले दो वर्षों से अपनी त्रैमासिक और वार्षिक रिपोर्टों के माध्यम से ऐसे मामलों का दस्तावेजीकरण करता रहा है। अब इस ट्रैकर के जरिए 2024 से 2026 तक के मामलों का विस्तृत डेटा उपलब्ध कराया गया है, जबकि 2014 से जुड़े पुराने मामलों को भी चरणबद्ध तरीके से वेबसाइट पर जोड़ा जाएगा।
संगठन के मुताबिक, 2014 से अब तक देशभर में धर्म आधारित नफरत से जुड़े कुल 3,576 मामलों का संकलन किया गया है। प्रारंभिक विश्लेषण में शारीरिक हमले के 747 मामले और संपत्ति पर हमले के 376 मामले प्रमुख रूप से सामने आए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे अधिक घटनाएं धार्मिक पहचान को लेकर हुईं, जिनकी संख्या 908 बताई गई है। इसके अलावा मांसाहारी भोजन की बिक्री या सेवन से जुड़े 547 मामले और त्योहारों के आयोजन से जुड़े 166 मामले दर्ज किए गए हैं।
एपीसीआर के अनुसार, वर्तमान डेटाबेस में 2024 से 2026 तक के 1,153 हेट क्राइम और 761 हेट स्पीच घटनाओं का विस्तृत रिकॉर्ड शामिल है। लॉन्च कार्यक्रम में वकीलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया तथा हेट क्राइम्स के व्यवस्थित दस्तावेजीकरण और जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर दिया।

