कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने असम, पश्चिम बंगाल और बिहार समेत कई राज्यों में छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने, हिरासत में लिए जाने और गिरफ्तार किए जाने की खबरों पर गहरी चिंता जताई है।
पार्टी ने बयान जारी कर कहा कि उसने भारत सरकार के इस आश्वासन के बाद राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन स्थगित किया था कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ वर्तमान या भविष्य में कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। पार्टी के मुताबिक, भाजपा या एनडीए शासित राज्यों से सामने आ रही कार्रवाई की खबरें गंभीर चिंता का विषय हैं।
CJP ने कहा कि उसकी कानूनी टीम संबंधित राज्यों के वकीलों के साथ मिलकर हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई और उन्हें हर संभव कानूनी सहायता दिलाने के लिए पहले दिन से काम कर रही है। पार्टी ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि वह उनके साथ खड़ी है।
पार्टी ने भारत सरकार से, विशेष रूप से जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से, तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। CJP ने सरकार से सभी हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को रिहा करने, किसी भी तरह की दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई रोकने और दर्ज की गई FIR वापस लेने की मांग की है।
बयान में कहा गया कि सरकार ने 28 जुलाई 2026 तक इस संबंध में लिखित गारंटी देने की प्रतिबद्धता जताई थी। पार्टी ने कहा कि राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन स्थगित करने का फैसला सरकार के आश्वासन पर भरोसा करते हुए लिया गया था और इस आश्वासन से पीछे हटना न केवल CJP के साथ विश्वासघात होगा, बल्कि उन लाखों युवाओं के साथ भी विश्वास का उल्लंघन होगा जिन्होंने विरोध के बजाय संवाद का रास्ता चुना।
CJP ने कहा कि सरकार की विश्वसनीयता केवल वादे करने से नहीं, बल्कि उन्हें निभाने से बनती है। पार्टी ने सभी युवा प्रदर्शनकारियों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वह पूरे मामले पर करीबी नजर रख रही है।
पार्टी ने मांग की कि सभी हिरासत में लिए गए और गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को तत्काल, और किसी भी स्थिति में 28 जुलाई तक, रिहा किया जाए तथा सभी FIR तुरंत वापस ली जाएं। ऐसा नहीं होने पर CJP ने आगे आवश्यक कदम उठाने की चेतावनी दी है।

