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दिल्ली दंगा: मस्जिद में आग लगाने और दुकानों में तोड़फोड़ के जुर्म में गौरव और प्रशांत मल्होत्रा पर आरोप तय

दिल्ली का वह खौफनाक मंज़र याद करके आज भी दिल दहल उठता हैं खुलेआम हत्याएं, लूटपाट और धार्मिक स्थलों में आग लगाने की घटनाएं आम थीं।

दिल्ली दंगों को वैसे तो 1 साल से अधिक हो गया है लेकिन आज भी बहुत से लोग इंसाफ के लिए भटक रहें हैं। अदालत द्धारा धीरे धीरे आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने तथा बेकसूरों को छोड़ने का सिलसिला लगातार ज़ारी हैं।

अदालत ने एक अहम फ़ैसला सुनाते हुए भजनपुरा इलाक़े में मस्जिद में आग लगाने,मकानों और दुकानों में तोड़फोड़ एवं आग लगाने के दो आरोपियों पर दोष सिद्ध कर दिया हैं।

24 फ़रवरी 2020 को भजनपुरा इलाक़े में पेट्रोल बम से मस्जिद में आग लगाने एवं मकानों और दुकानों में तोड़फोड़-लूटपाट के जुर्म में अदालत ने गौरव और प्रशांत मल्होत्रा पर आरोप तय कर दिए हैं।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने दोनों दोषियों गौरव और प्रशांत मल्होत्रा पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 147 (दंगा), 148 (दंगा, घातक हथियार से लैस), 149 (अपराध के लिए गैर-कानूनी जमावड़ा में शामिल रहना), 427 (तोड़फोड़ की गतिविधि से नुकसान), 435 (आगजनी) के तहत आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस का कहना हैं कि दोनों दोषी दंगाई भीड़ का हिस्सा थे। उनका कॉल रिकॉर्ड भजनपुरा चौराहे और उसके आसपास के इलाकों में पाया गया था जहां पर दंगे और घटना हुई थी।

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