मुस्लिम पहचान के कारण मॉब लिंचिंग के बाद अब मंदिरों में भी दर्शन करने से रोका जा रहा हैं. जिसका खामियाजा एक युवक को जेल जाकर भुगतना पड़ा।
मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में अपनी हिंदू दोस्त के साथ दर्शन करने गए मुस्लिम युवक यूसुफ मुल्ला को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया हैं।
यूसुफ मुल्ला कर्नाटक का रहने वाला हैं. उसकी दोस्त खुशबू जो की मुंबई में फैशन डिजाइनर हैं, उसको उज्जैन के महाकाल मंदिर के दर्शन करने थे. जिसके लिए वह अपने दोस्त को लेकर आई थीं।
सूत्रों के अनुसार, दोनों ने मंदिर में दर्शन करने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था. लेकिन एंट्री के दौरान पुलिस ने यूसुफ मुल्ल्ला की आईडी पर मुस्लिम नाम देखकर उसको गिरफ़्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि “मामला सामने आने के बाद दोनों को हिरासत में ले लिया हैं. थाने लाकर युवक पर धारा 419 और 420 के तहत एफआईआर दर्ज़ करके गिरफ्तार कर लिया हैं. तथा युवती को छोड़ दिया हैं।
पत्रकार कासिफ काकवी के अनुसार “कल उज्जैन में महाकाल मंदिर में एक मुस्लिम युवक ने कथित फेक ID लेकर एंट्री करने की कोशिश की. उसपर धारा 419/420 के तहत FIR दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
कल उज्जैन में महाकाल मंदिर में एक मुस्लिम युवक ने कथित फेक ID लेकर एंट्री करने की कोशिश की। उसपर धारा 419/420 के तहत FIR कर गिरफ्तार कर लिया।
अगर मान लें की वह फेक ID लेकर घुसा था तो क्या दिक्कत थी! महाकाल थोड़े यूनुस/अभिषेक में फ़र्क करते हैं? उसका इरादा तो
दर्शन का ही था! 1/2 pic.twitter.com/u5rDqbwDVK— काश/if Kakvi (@KashifKakvi) December 16, 2021
कासिफ काकवी का कहना हैं कि “अगर मान लें की वह फेक ID लेकर घुसा था तो क्या दिक्कत थी. महाकाल थोड़े यूनुस/अभिषेक में फ़र्क करते हैं? उसका इरादा तो दर्शन का ही था. अगर मंदिर प्रशासन चाहता तो उस से ओरिजनल ID लेकर जाने देता. जैसा के नॉन मुस्लिम युवक के साथ होता. पर चुकी वह मुस्लिम था और कथित फेक ID के सहारे दर्शन करने की कोशिश कर रहा था तो FIR कर दी गई।
अगर धर्म के आधार पर गोल्डन टेंपल/अज़मेर जैसी जगहों पर एंट्री शुरू कर दी जाए तो क्या होगा?