सम्पादकीय

प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार अब तक 23 करोड़ वैक्सीन लग चुकी है, लेकिन असल में सिर्फ 18.6 करोड़ वैक्सीन ही आर्डर की गई है

अब तक 23 करोड़ वैक्सीन लग चुकी है यह कल प्रधानमंत्री जी ने अपने भाषण में कहा, इससे पहले सभी मोदी मीडिया चैनल्स पिछले कुछ दिनों से 16 करोड ,फिर कुछ दिन बाद 18 करोड़ ,फिर कुछ दिन बाद 20 करोड़ फाइनली कल 23 करोड़ लोगों को वैक्सीन लग चुकी है।

आज मैं इस जादुई वैक्सीन के आंकड़ो की बात करना चाहूंगा….जिसका लब्बोलुआब यह है कि अब तक 7 करोड़ वैक्सीन का आंकड़ा ज्यादा दिखाया व बताया जा रहा है …कैसे थोड़ा धैर्य व धीरज से पढ़ा जाए.

सबसे पहले आप यह मन में दृढ़ विश्वास कर लीजिए कि जब भी प्रधानमंत्री जी कुछ बोलेंगे तो वह सिर्फ झूठ ही झूठ होगा

उसके बाद आपको अगला यकीन तमाम मोदी मीडिया चैनल्स अखबार का करना है कि ये भी झूठ ही लिखेंगे कहेंगे।

अपने इस दोनों यकीन को पुख्ता करने के लिए आप लोग एक ट्रायल टेस्ट कर सकते है ….मोदी सरकार के विभिन्न विभागों व मंत्रालयों से एक कॉमन सवाल पूछिये या एक कॉमन जानकारी लेने का प्रयास करें,, वो सब उस एक सवाल का अलग अलग जवाब देंगे।

इस ट्रायल टेस्ट के बाद आप मन ही मन अपने यकीन व विश्वास की दिल खोल कर तारीफ करेंगे, देखा कहा था न कि झूठ ही बोल रहा होगा ! वही निकला

RTI से प्राप्त सूचना व जानकारी के अनुसार मोदी सरकार जिसे अब कोरोना महामारी के बाद से सिस्टम के नाम से जाना जाता है…तो सिस्टम ने अभी तक 2 आर्डर दिए है वैक्सीन के लिए

पहला आर्डर 6.6 करोड़ वैक्सीन डोज का था जो पीएम केयर्स फण्ड से भुगतान हुआ।

दूसरा आर्डर 12 करोड़ वैक्सीन डोज का था ,ये उस बजट में घोषित 35000 करोड़ में से दिया गया।

अर्थात 18.6 करोड़ कुल वैक्सीन डोज आर्डर की गई थी ,जिसमें से हैदराबाद वाली कोवक्सीन को 3 करोड़ डोज का आर्डर दिया गया था, तो शेष 15.6 करोड़ डोज का आर्डर पूनावाला (हाल निवासी-लंदन) कोविशिल्ड को दिया गया।

कुल आर्डर ही 18.6 करोड़ डोज का दिया गया था …तो अब 23 करोड़ डोज किसको लगा दी गई यह शोध का विषय है!!

रुकिए अभी कहानी खत्म नही हुई है शुरू हुई है… स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि फर्स्ट आर्डर 6.6 करोड़ डोज का पूरा हो चुका है, इसका भुगतान #PMCARES नामक गुल्लक से किया गया है।

दूसरे आर्डर 12 करोड़ में से अब तक 9.58 करोड़ डोज हासिल हुई है, बाकी वर्क अंडर प्रोसेस है।

अब आपके पास कुल डोज 6.6 करोड़ प्लस 9.58 करोड़ = 16.18 करोड़ की है।

अब मजेदार चुटकुला यह है कि स्वास्थ्य मंत्रालय कहता है कि उन्होंने 16.54 करोड़ वैक्सीन डोज विभिन्न राज्य सरकार को दे दी है। जब कुल वैक्सीन ही 16.18 करोड़ है तो 16.54 करोड़ मतलब एक्स्ट्रा 36 लाख कहाँ से आई ??

अब विदेश मंत्रालय का कहना है कि जो फर्स्ट आर्डर था 6.6 करोड़ वैक्सीन डोज का ,उसमे से 6.3 करोड़ वैक्सीन हमनें 95 अलग अलग देशों को एक्सपोर्ट कर दी है। सनद रहे कि ये पैसा पीएम केयर्स फण्ड का था, जो हम देशवासियों ने दिया था उस पैसे से अपनी इमेज ब्रांड बिल्डिंग की गई विदेशों को वैक्सीन भेज कर।

अब यदि स्वास्थ्य मंत्रालय का आंकड़ा 16.54 करोड़ जो उन्होंने विभिन्न राज्य सरकार को दिए और विदेश मंत्रालय का आंकड़ा 6.3 करोड़ जोड़ लेते है तो हमारे पास 23.17 करोड़ वैक्सीन डोज होती है।

कल प्रधानमंत्री जी अपने भाषण में यही जिक्र कर रहे थे कि अब तक 23 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज लगाई जा चुकी है। और आज की यह हेडलाइंस बनी हुई है।

अब जब कुल आर्डर ही 18.6 करोड़ वैक्सीन का दिया गया था और उसमें से अब तक सिर्फ 16.18 करोड़ सिस्टम को डिलीवर हुई है , और इसमें से 6.3 करोड़ विदेश भेज दी गई है
तो सवाल यह उठता है।

क्या प्रधानमंत्री झूठ बोल रहे है कि अब तक 23 करोड़ वैक्सीन डोज नागरिकों को लग चुकी है। अब आप पॉइंट नम्बर 1 पर आइए व दुबारा पढ़िए।

(यह लेखक के अपने विचार है लेखक नवनीत चतुर्वेदी राजनीतिक समीक्षक व एक्टिविस्ट और जिओ पॉलिटिक्स के लेखक है)

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