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अखिलेश यादव गोंडा में पंडित सिंह के घर शोक संवेदना व्यक्त करने गए लेकिन कुछ दूर स्थित सपा नेता मृतक फिरोज खान के घर नहीं गए

सेक्युलरिजम का राग अलापने वाली तमाम राजनीतिक पार्टियो के असली चेहरे धीरे-धीरे सामने आने लगे हैं. अपने आप को मुस्लिम हितेषी होने का दावा करने वाले अखिलेश यादव भी अब नर्म हिंदू की राह पर चलने लगें हैं।

कुछ समय से देखा जा रहा हैं कि अखिलेश यादव अब खुलेआम मुसलमानों का नाम लेने से भी कतराने लगें हैं।

हाल ही की एक घटना ने अखिलेश यादव की मुस्लिमों से दूरी एक बार फिर उजागर कर दी. गोंडा के दौरे पर गए अखिलेश यादव पंडित सिंह के घर तो शोक संवेदना व्यक्त करने जाते हैं लेकिन कुछ दूरी पर स्थित फिरोज खान के घर नहीं गए।

फिरोज खान समाजवादी पार्टी के बड़े नेता तथा तुलसीपुर के पूर्व चेयरमैन भी रह चुके हैं. उनकी कुछ दिन पहले बदमाशों ने गोली मारकर एवं गला रेत कर हत्या कर दी थीं।

लेकिन अखिलेश यादव ने फिरोज खान के घर जाना जरूरी नहीं समझा बल्कि पंडित सिंह के घर जाना जरूरी समझा।

अखिलेश यादव ने ट्विट भी किया कि “गोंडा में आज सपा नेता स्व. श्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह जी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर अर्पित की श्रद्धांजलि.जनता का उमड़ा जनसैलाब, कह रहा है भाजपा साफ़।”

राष्ट्रीय उलमा काउंसिल (RUC) ने अखिलेश यादव पर हमला करते हुए कहा कि “अखिलेश यादव जी आज गोंडा में पंडित सिंह जी की मृत्यु के बाद उनके घर शोक संवेदना व्यक्त करने गए पर वहीं से कुछ दूरी पर स्तिथ तुलसीपुर नही जा सके है जहां 2 रोज़ पहले उनकी पार्टी के ही बड़े नेता व पूर्व चैयरमैन फ़िरोज़ खान की निर्मम हत्या कर दी गयी। मुसलमानों से ये सौतेलापन क्यों?”

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