नई दिल्ली। कॉकroach जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी के मुताबिक, प्रदर्शन में छात्र और युवा संगठन, नागरिक समाज समूह और आम नागरिक शामिल होंगे। प्रदर्शन के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और स्वतंत्र चुनाव आयोग की मांग उठाई जाएगी। यह घोषणा दिल्ली और मुंबई में 2 से 6 अक्टूबर के बीच हुए प्रदर्शनों के बाद की गई है।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में पार्टी के सह-संयोजक और मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि आंदोलन को किसी एक राजनीतिक दल के बैनर तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और देश को बचाने की लड़ाई में सभी संगठनों और नागरिकों को साथ आना चाहिए। पार्टी ने अक्टूबर महीने में चुनावी सुधारों की मांग को लेकर लगातार आंदोलन चलाने की बात कही है।
सौरव दास और कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने 7 अक्टूबर को संसद मार्ग थाने पहुंचकर 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन की सूचना पुलिस को दी। प्रेस रिलीज के मुताबिक, इसके बावजूद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। दास ने अनुमति की जरूरत पर सवाल उठाते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है।
प्रेस रिलीज में दावा किया गया है कि आंदोलन को रोकने के लिए पार्टी के शीर्ष नेताओं की संभावित अग्रिम गिरफ्तारी की चेतावनी मिली है। इसमें संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह के नाम शामिल हैं। आयोजकों ने दावा किया कि नेताओं की गिरफ्तारी होने की स्थिति में भी आंदोलन जारी रहेगा और युवा कार्यकर्ता गिरफ्तारी के लिए तैयार हैं।
आयोजकों के अनुसार, 2 अक्टूबर को दिल्ली में करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया था और इसके बाद 3 और 4 अक्टूबर को भी बड़े पैमाने पर हिरासतें हुईं। प्रेस रिलीज में पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्ती, आसपास के मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और युवाओं को बसों में ले जाने के आरोप लगाए गए हैं। आयोजकों ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और ऑनलाइन उत्पीड़न के भी आरोप लगाए हैं। इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष इस प्रेस रिलीज में शामिल नहीं है।
जंतर-मंतर के प्रस्तावित प्रदर्शन में SIR के दौरान मतदाता अधिकारों पर उठाए जा रहे सवालों, फॉर्म 6 में कथित बदलाव और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग प्रमुख मुद्दे होंगे। आयोजकों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई है। पार्टी का कहना है कि अक्टूबर में गोवा, बेंगलुरु और कोलकाता समेत अन्य शहरों में भी चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे और 10 अक्टूबर को देशभर के लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की गई है।

