नई दिल्ली। फिलिस्तीन के समर्थन में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों ने एकजुटता कार्यक्रम आयोजित किया। AISA JMI की ओर से 7 अक्टूबर को शाम 5 बजे विश्वविद्यालय के गेट नंबर 7 के अंदर सेंट्रल कैंटीन के पास यह सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में छात्रों ने पोस्टर और नारों के जरिए फिलिस्तीनी लोगों के प्रति समर्थन जताया।
AISA की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, सभा में छात्रों ने फिलिस्तीन में जारी सैन्य कार्रवाई, रंगभेद और मानवाधिकारों के कथित व्यवस्थित दमन की निंदा की। संगठन ने कहा कि दुनिया भर के छात्र समुदाय फिलिस्तीन के साथ एकजुटता व्यक्त कर रहे हैं और न्याय की मांग को लगातार उठाया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने फिलिस्तीन की आजादी और अधिकारों के समर्थन में नारे लगाए। AISA ने कहा कि वह इजरायली शासन की नीतियों में रंगभेद और बस्तियों के विस्तार से जुड़ी विचारधारा के खिलाफ खड़ा है। संगठन ने फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों और उनके संघर्ष के प्रति अपनी एकजुटता दोहराई।
AISA ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति और अन्याय के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय एकजुटता के लिए भी महत्वपूर्ण स्थान हैं। संगठन ने छात्रों और नागरिकों से फिलिस्तीन में न्याय की मांग तथा सैन्य कार्रवाई और कब्जे के विरोध में अपनी आवाज उठाते रहने की अपील की।
संगठन ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में तत्काल न्याय और फिलिस्तीन पर जारी सैन्य आक्रमण तथा कब्जे को समाप्त करने की मांग दोहराई। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने फिलिस्तीन की स्वतंत्रता के समर्थन में नारे लगाए और फिलिस्तीनी जनता के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की।
AISA ने सभा के जरिए फिलिस्तीन के मुद्दे को लेकर छात्र समुदाय की आवाज को सामने रखने की बात कही। संगठन के अनुसार, यह कार्यक्रम फिलिस्तीनी लोगों के साथ एकजुटता और उनके अधिकारों के समर्थन में आयोजित किया गया था।

