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दिल्ली हिंसा: अदालत ने फल-सब्जी बेचने वालों की गाड़ियों में लूटपाट एवं तोड़फोड़ करने के मामले “कृष्ण” पर आरोप तय किए

पुलिस के पास आरोपी कृष्ण के खिलाफ पर्याप्त सबूत भी हैं

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के दौरान दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मामले में अदालत ने एक और आरोपी पर मुकदमा चलाने के लिए आरोप तय कर दिए हैं।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने दिल्ली हिंसा के आरोपी कृष्ण पर मुकदमा चलाने के लिए आरोप तय करते हुए कहा हैं कि “आरोपी कृष्ण के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए दिल्ली पुलिस के पास पर्याप्त सबूत भी है।”

अदालत ने आरोपी कृष्ण के खिलाफ हिंसा, घातक हथियार से लैस, गैरकानूनी रूप से भीड़ में जमा होने, आगजनी, डकैती के मामले में मुकदमा चलाने के लिए आरोप तय किए हैं।

इस मामले की शिकायत पीड़ित जमील ने की थीं, जिसपर पुलिस ने मुकदमा दर्ज़ किया था।

जमील के अनुसार “उसने अपने साथियों के साथ अपनी-अपनी गाड़ियां खड़ी की थीं, लेकिन वहा हिंसक भीड़ पहुंच गई जिसको देखकर हम डरकर भाग गए. मौके से भागते समय हमने देखा कि उन्होंने हमारी गाड़ियां लूट ली और फिर उनको जला दिया।

सोशल एक्टिविस्ट अशरफ़ हुसैन के अनुसार “दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली हिंसा के दौरान फल-सब्जी बेचने वालों की गाड़ियों में लूटपाट, तोड़फोड़ एवं आगजनी करने से जुड़े मामले में “कृष्ण” नामी एक व्यक्ति पर मुकदमा चलाने के लिए आरोप तय किए हैं, साथ ही कहा गया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं।”

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने कृष्ण के खिलाफ़ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 188, 147, 148, 149, 427, 435, 395 के तहत आरोप तय किए हैं।

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