झारखंड के गढ़वा जिले के खरौंधी प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में दूषित पानी पीने से 100 से अधिक छात्राएं बीमार पड़ गईं। घटना के बाद सभी प्रभावित छात्राओं को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां अधिकांश छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि छह छात्राओं को निगरानी में रखा गया।
बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी और पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण छात्राओं ने स्कूल की छत पर रखे प्लास्टिक के टैंक का पानी पी लिया। इसके कुछ ही समय बाद कई छात्राओं को पेट दर्द, उल्टी, चक्कर और कमजोरी जैसी शिकायतें होने लगीं।
प्रारंभिक जांच में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने विद्यालय की वॉर्डन, एक शिक्षक और एक रसोइए को निलंबित कर दिया है। साथ ही ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और अगले आदेश तक उनका वेतन भी रोक दिया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, विद्यालय के छात्रावास में आरओ वाटर सिस्टम वॉर्डन के कमरे में लगा था और छात्राओं को उसका उपयोग करने की अनुमति नहीं थी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि छात्राएं पहले भी खराब भोजन और पीने के पानी की कमी की शिकायत कर चुकी थीं। उन्होंने स्कूल परिसर और रसोई की साफ-सफाई पर भी सवाल उठाए।
गढ़वा के उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच जारी है। विद्यालय के खाने और पानी के नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।

