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वायनाड भूस्खलन पीड़ितों की मदद के लिए आगे आई मुस्लिम लीग, 51 परिवारों को दिए नए घर, 14 हिंदू परिवार भी शामिल

केरल के वायनाड में 2024 के विनाशकारी भूस्खलन के बाद बेघर हुए 51 परिवारों को अब नया ठिकाना मिल गया है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की अगुवाई में चल रही पुनर्वास परियोजना के तहत इन परिवारों ने हाल ही में अपने नए घरों में प्रवेश किया।

गृह प्रवेश के दौरान विभिन्न धर्मों के लोगों द्वारा अपने-अपने धार्मिक अनुष्ठान किए जाने के दृश्य सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। मुट्टिल इलाके में बनाए गए ये मकान आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। प्रत्येक घर एक मंजिला है, जो करीब 1,060 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला हुआ है और लगभग आठ सेंट जमीन पर निर्मित है।

इन घरों में तीन शयनकक्ष, रसोईघर, भोजन कक्ष, कार्यक्षेत्र, बैठक और पक्का आंगन जैसी सुविधाएं दी गई हैं। खास बात यह है कि सभी घर पूरी तरह सुसज्जित हैं और परिवारों को शुरुआती जरूरतों के लिए किराने का सामान भी उपलब्ध कराया गया।

इस परियोजना की एक खास झलक धार्मिक सद्भाव के रूप में सामने आई, जब लाभार्थियों में शामिल 14 हिंदू परिवारों ने दीप प्रज्वलन और पूजा-अर्चना के साथ गृह प्रवेश किया। इस पहल को कई लोगों ने “केरल की असली कहानी” बताते हुए सराहा।

आईयूएमएल के राज्य अध्यक्ष सादिक अली शिहाब थंगल ने इस परियोजना को बेहद भावनात्मक और सार्थक बताते हुए कहा कि अभी उनका मिशन पूरा नहीं हुआ है और बाकी घरों को भी जल्द से जल्द लाभार्थियों को सौंपा जाएगा।

वहीं, इस परियोजना का नेतृत्व कर रहे विधायक पीके बशीर ने शुरुआती दौर में आई चुनौतियों और विवादों का जिक्र करते हुए इसे एक संतोषजनक उपलब्धि बताया।

आईयूएमएल के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद पीके कुन्हालीकुट्टी ने कहा कि इस पहल को समाज के हर वर्ग से सहयोग मिला है, जो मानवता और आपसी सद्भाव का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि परियोजना की घोषणा के साथ ही लोगों ने फर्नीचर और भोजन जैसी जरूरतों के लिए मदद करना शुरू कर दिया था।

करीब 11.5 एकड़ भूमि पर फैली इस परियोजना के तहत कुल 105 घर बनाने की योजना है, जिसमें से पहले चरण में 51 घर तैयार कर दिए गए हैं। बाकी घरों को सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले केरल सरकार ने भी 178 प्रभावित परिवारों के लिए एक अलग टाउनशिप की घोषणा की थी, लेकिन निर्माण कार्य लंबित होने के कारण वहां अभी तक लोगों का स्थानांतरण नहीं हो पाया है। वहीं, कांग्रेस ने भी अपनी पुनर्वास योजना की घोषणा की है, जिस पर काम शुरू होना बाकी है।

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