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हमारे देश को “समान नागरिक संहिता” की नहीं “समान अवसर आयोग” की ज़रूरत हैं: IPS अब्दुर रहमान

मौजूदा भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार देश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने की बात पर अड़ी हुई हैं. गुजरात विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस मुद्दे को और ज्यादा तूल दिया जा रहा हैं।

ऐसे में आईपीएस अधिकारी अब्दुर रहमान ने समान नागरिक संहिता का विरोध करते हुए कहा कि, हमारे देश को “समान नागरिक संहिता” की नहीं “समान अवसर आयोग” की ज़रूरत हैं।

अब्दुर रहमान के अनुसार, समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की बार-बार धमकी देने वाली पार्टी समान अवसर आयोग (Equal Opportunity Commission) लागू करने की बात क्यों नहीं करती है? देश को UCC की नहीं EOC की ज़रूरत है।

समान अवसर आयोग सरकारी, निजी और शिक्षा संस्थानों में सभी वर्ग को समान अवसर प्रदान करता है. अर्थात SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, विकलांग, LGBT आदि को उनके आबादी के हिसाब से प्रतिनिधित्व मिलता है. अपने work force में जो संस्थान जितना अधिक विविधता बनाएगा उसे उसी अनुपात में सरकारी अनुदान मिलेगा. EOC के जरिए सामाजिक न्याय देना बहुत आसान हो जाता है।

आपको बता दें कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अगले 6 महिने में समान नागरिक संहिता लागू करने की घोषणा कर दी हैं तथा बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने भी कहा हैं कि, UCC को हम ज़रूर लागू करेंगे।

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