कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने बांकुड़ा के करिसुंदा गांव पहुंचकर 25 वर्षीय शेख अब्दुल हफ़ीज़ और उनके परिवार से मुलाकात की। यह मुलाकात उस कथित लक्षित हमले के बाद हुई जिसमें अब्दुल हफ़ीज़ के पिता की मौत हो गई थी।
CJP के मुताबिक, परिवार ने आर्थिक मुआवजा लेने से इनकार किया है। अब्दुल हफ़ीज़ की मांग है कि उनके पिता की मौत के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो और गांव के गरीब बच्चों के लिए उनके पिता के नाम पर एक सरकारी स्कूल स्थापित किया जाए।
पार्टी का आरोप है कि अब्दुल हफ़ीज़ और उनके परिवार पर ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू करने के बाद राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों की भीड़ ने हमला किया। CJP के अनुसार, हमले से पहले अब्दुल के घर की बिजली काट दी गई और बाद में अस्पताल में भी कथित तौर पर हथियारबंद लोगों ने हमला किया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि समय पर सूचना मिलने के बावजूद पुलिस पीड़ित परिवार को पर्याप्त सुरक्षा देने में विफल रही।
CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी सुविधाओं और जवाबदेही की मांग करने वाले परिवार पर इस तरह की हिंसा बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने राजनीतिक प्रतिष्ठान से इस घटना को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की।
CJP ने प्रशासन के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सभी आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करना और फरार आरोपियों को पकड़ना, पुलिस की कथित लापरवाही या मिलीभगत की स्वतंत्र और अदालत की निगरानी में जांच कराना, अब्दुल हफ़ीज़ और उनके परिवार को चौबीसों घंटे सुरक्षा देना तथा परिवार की मांग के अनुरूप अब्दुल के दिवंगत पिता के नाम पर सरकारी स्कूल स्थापित करना शामिल है।
पार्टी ने स्थानीय प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। CJP ने चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में प्रशासन ने ठोस कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी समर्थकों को लामबंद कर जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालय का शांतिपूर्ण घेराव करेगी और न्याय एवं जवाबदेही की मांग उठाएगी।
प्रतिनिधिमंडल में CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका के अलावा विजय मल्लांगी, अंकित भारद्वाज, आकाश प्रेम और सुधीर सांगवान शामिल थे। पश्चिम बंगाल की टीम से मारूफ, दीपद्या गांगुली और अन्य सदस्य भी मौके पर मौजूद रहे।
CJP ने कहा कि उसका उद्देश्य परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ सरकारी स्कूलों की स्थिति और गरीब बच्चों की शिक्षा से जुड़े मुद्दे को भी सामने लाना है। पार्टी ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

