समाजिक कार्यकर्ता एवं दलित एक्टीविस्ट नवदीप कौर ने जेल से बाहर आकर पर पुलिस द्वारा प्रताड़ित करने एवं जातीसूचक टिप्पणी करने का आरोप लगाया।
नवदीप कौर के अनुसार पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा उनकी पिटाई की गई तथा उनके प्राइवेट पार्ट को भी चोट पहुंचाई गई है। नवदीप का कहना है कि मेरी मेडिकल रिपोर्ट भी इस बात की पुष्टि करती है।
नवदीप कौर की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार उनके शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोट के निशान पाए गए है जिनमें बाईं जांघ पर 10 सेंटीमीटर और पीठ पर 6 सेंटीमीटर के निशान शामिल हैं।
नवदीप कौर ने कुंडली थाने के एसएचओ पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे समाज में दलित इतने ऊंचे कभी नहीं उठ सकते कि लोगों की आवाज बन जाएं आपको हर किसी के लिए बोलने का अधिकार किसने दिया।
नवदीप कौर दिल्ली के सिंघू बार्डर पर किसान आंदोलन का समर्थन कर रही थी तथा किसान आंदोलन का एक जाना-माना चेहरा थी सिंघू बार्डर पर एक हिंसक प्रदर्शन हो जाने के बाद पुलिस ने नवदीप को गिरफ्तार कर लिया। नवदीप 46 दिन जेल में बिताकर जमानत पर रिहा होकर बाहर आयी है।