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चांद पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग कराने में ISRO के मुस्लिम वैज्ञानिकों ने भी निभाई हैं अहम भूमिका, जानिए कितने मुस्लिम वैज्ञानिक इस मिशन में शामिल थे

चांद पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद से इसरो के वैज्ञानिकों की हर तरफ़ चर्चा हो रहीं हैं, इसके साथ साथ इस मिशन को सफ़ल बनाने में ISRO के मुस्लिम वैज्ञानिक की भी पूरा देश तारीफ़ कर रहा हैं।

जानकारी के मुताबिक़ इस मिशन को कामयाब करने में कुल 5 मुसलमानों ने अपना योगदान दिया हैं जिनमें से अरीब अहमद का नाम सभी की ज़ुबान पर सुनाई दे रहा हैं।

मुजफ्फरनगर जिले के खतौली के रहने वाले अरीब अहमद चंद्रयान 3 की जांच टीम के हिस्सा थे, इसके अलावा चंद्रयान-3 की इस यात्रा में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र इशरत जमाल और ख़ुशबू मिर्ज़ा ने भी अहम किरदार निभाया हैं।

चंद्रयान 3 की चांद पर कामयाब लैंडिंग कराने वालों में एक नाम बिहार के मोहम्मद साबिर का भी हैं एवं बरेली के नवाब अहमद ने भी चंद्रयान-3 का डिजाइन बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

सेंथल क्षेत्र के गांव रसूला तालिब हुसैन निवासी नवाब अहमद इसरो के प्रमुख केंद्र यूआर राव उपग्रह केंद्र में अंतरिक्ष यान के डिजाइन, मॉडलिंग और तकनीकी कंप्यूटिंग सेवाओं के प्रमुख हैं।

उन्होंने अपनी टीम के साथ इसरो के लीड सेंटर में काम किया, जहां पर चंद्रयान-3 को डिजाइन, विकसित और एकीकृत किया गया था।

बुधवार देर शाम चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद फोन पर उन्होंने बताया कि पूरे देश के लिए यह गर्व की बात है कि अब हम चांद पर पहुंच गए हैं. मिशन की सफ़लता के बाद से वैज्ञानिक नवाब अहमद के घर पर खुशी का माहौल है।

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